अफगानिस्तान युद्ध । America’s war in Afganistan .

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अफ़ग़ानिस्तान पर शासन करना , नियंत्रण रखना अतिशय जटिल कार्य है !

कई बड़े बड़े साम्राज्य अफ़ग़ानिस्तान में उलझकर बर्बाद हुए है ! यहाँ तक की अफ़ग़ानिस्तान को “Graveyard of Empires” (साम्राज्यों की कब्र ) भी कहा जाता है।

अमेरिका इस शृंखला में सबसे नया खिलाडी है।

यदि इतिहास के पन्ने पलट के देखेंगे तो पाएगे की कई बड़े बड़े साम्राज्यों ने यहाँ कुछ लड़ाईया जीती ,तब भी वे एक मजबूत वर्चस्व नहीं जमा पाए।

१८३९ -१८४२ में यहाँ युद्ध के बाद ब्रिटिश सेना ने भी निष्कर्ष निकाला की यहाँ के स्थायी किसी नेता को बाहरी समर्थन देकर इंटरफेर करने से कई गुना आसान उनसे मात्र व्यापार करना है ! अब तक सबसे संतुलित नियंत्रण का करीबी उदहारण यहाँ अगर हम देना चाहे तो मुघलो द्वारा शाहजहां के समय का दे सकते है। absolute control की बजाय शाहजहां ने विभिन्न जनजातियों को भुगतान करके, या उन्हें स्वायत्तता प्रदान करके क्षेत्र को शिथिल रूप से नियंत्रित करने में कामयाबी पायी।

एक पूर्ण विजय अफगानिस्तान में असंभव है !!

अफगानिस्तान युद्ध में अमेरिकी सिपाही ।
American soldiers in Afganistan

फ़िलहाल अमेरिका १७ -१८ सालो से लड़ रहा है , अपने जवान खो रहा है , फिर भी कुछ बहुत अभूतपूर्व नहीं कर पाया है ! अब भी तालिबान का आतंकवाद उतना ही प्रबल है जितना पहले था।

आखिर अफ़ग़ानिस्तान में ऐसा क्या है ?

कारण १ :

अफ़ग़ानिस्तान ईरान ,मध्य-एशिया एवं भारत के बिच के व्यापार के मार्ग में स्थित है,और अनेक विदेशी आक्रमकारियों से लगातार आक्रमण झेले है , जिसका सीधा असर यहाँ के लोकल कौमो पर पड़ा ,जो खुद भी आपस में काफी लड़ाई -झगडे में लगे रहते।

लगातार इतने आक्रमण झेलने की वजह से और यहाँ के आपसी लड़ाई झगड़ो की वजह से यहाँ पनपे अराजकता के कारण , स्थानीय लोगो ने लगभग हर घर ,हर गांव का निर्माण एक किल्ले जैसा (क़ालत ) करना शुरू किया !

तो अफ़ग़ानिस्तान आपका साधारण सा प्रदेश नहीं ,जहा साधारण कहते पीते चैन करते लोग मिलेंगे , यहाँ माजरा ही पूरा उल्टा है !

कारण २ :

अफगानिस्तान का भौतिक भूभाग ट्राइबल प्रवृत्तियों को बढ़ाते हुए आक्रमणकारियों के विजय और शासन को अत्यंत कठिन बनाता है।

अफगानिस्तान में दुनिया के सबसे ऊंचे और अधिक कठिन ,नुकीले ,सीधे पहाड़ अत्यधिक संख्या में मौजूद है !

इनमें हिंदू कुश शामिल हैं, जो लगभग पुरे देश भर में मौजूद है और देश के केंद्र और दक्षिण के तरफ ज्यादा फैले है , साथ ही पूर्व में पामीर पर्वतश्रृंखला भी हैं।

पामीर नॉट – जहां हिंदू कुश, पामीर, तियान शान, कुनलुन, और बाकि हिमालय श्रृंखला एकसाथ मिलते हैं, उत्तर-पूर्व अफगानिस्तान में बदख्शां(Badkhshan ) में स्थित है,जिसे आप निचे नक़्शे में देख सकते है।

Mountains of Afganistan
Mountains of Afganistan

वर्तमान स्तिथि :

वर्तमान में यहाँ स्तिथि ऐसी हो गयी है की न तो अमेरिका कोई बड़ी जीत हासिल क़र पा रहा है , न ही तालिबान समस्या का पूरी तरीके से निराकरण कर पा रहा है। पिछले १७ -१८ साल से यहाँ मौजूद होकर लढा जा रहा है, फिर भी कोई स्पष्ट निष्कर्ष होता नहीं दिखाई दे रहा है अमेरिका को यहाँ।

उसके अलावा अफगानिस्तान युद्ध का खर्च भी कोई सस्ता तो है नहीं !

आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका लगभग हर साल अफगानिस्तान युद्ध में ४५ अरब डॉलर खर्चे करता है।

तो ये कुछ पहलु थी अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध जितने के लिए आने वाली कठिनाइयों के बारे में जिनकी हमने चर्चा की।

Ethnic division of Afganistan
Ethnic division of Afganistan

Writer and Author:

©Rudraksha Patle

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Vijaypal Mishra

Spend 20 years of my life observing politics , society in India. Political and social enthusiast. Also trained in Yoga and meditation in Haridwar, Uttarakhand.

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