Category: समाज

धर्म का छोला ओढ़ती बुराइयाँँ

समस्याएँ यदि व्यक्तिगत हों तो उसका इलाज संभव है, यदि वे सामाजिक हो गई तो कुरीति बन जाती हैं इनका इलाज कठिन हो जाता है, यदि कुरीतियों ने धर्म का चोला ओढ़ तो इनका इलाज बहुत मँहगा हो जाता है, कभी कभी तो मानवता पर ही संकट बन जाता है। धर्मो का एक मात्र उद्देश्य है प्रकृति का संरक्षण एवं...

भीड़ का भेड़तंत्र

कभी मराठा आरक्षण ,कभी जाट आंदोलन कभी कभी छोटी छोटी समस्याओं को लेकर देश में तरह तरह के आंदोलन , हड़ताल होती रहती है। जिसमें से आज के समय में कुछ आंदोलन तो हिंसक रूप ले लेते हैं। आम जन की समस्या तो दूर , अब आतंकी संगठन ,नक्सली संगठन भी बंद का आवाहन करने लगे हैं और उन्हें कुछ...